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इंतज़ार......

  जाने कितनी रातें वो इसी एहसास में काट रही थी कि जो गया है वो लौट कर आएगा , वो दिन था कि साक्षी अपने हर एक पल को पकड़ कर रखना चाह रही थी , श्लोक उस दिन सऊदी अरब जा रहा था उसकी एक तेल कंपनी में नौकरी लग गयी थी और वो ये बोल के जा रहा था कि सब कुछ व्यवस्थित करते ही वो वापिस लौट कर आएगा और शादी कर के साक्षी को हमेशा के लिए साथ ले जाएगा ।   उसके जाने के बाद साक्षी ने भी अपने को काम में झोंक दिया था , साक्षी जब भी पलट के देखती थी तो सुनहरी यादों के पन्ने उसकी आँखों के सामने खुलते जाते थे , श्लोक से मिलना संयोग नही था , जिस शादी में न जाने के लिए उसने अपने माता पिता को 2 महीने पहले मना रखा था आखिरी में उसी शादी में उसको मजबूरन जाना पड़ा और वहीं उसकी श्लोक से मुलाक़ात हुई । साक्षी वैसे भी इस शादी में अनमने मन से आयी थी उसका   कारण था की वहां वो किसी को जानती नहीं थी और इसीलिए सबसे दूर अलग कुर्सी पर ब...